Unit – 2

Theories of Organization: Scientific Management, (Taylor and his associates), The Bureaucratic Theory Of Organization (Max Weber),Classical Theory of Organization
(Henery Fayol, Luther Gullick and others), The Human Relation Theory of Organization (Elton Mayo and his Colleagues), Behavioral Approach , Systems Approach, Organizational Effectiveness.

संगठन के सिद्धांत : वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत (टेलर एवं उनके सहयोगी), संगठन का नौकरशाही सिद्धांत (मैक्स वेबर), संगठन का शास्त्रीय सिद्धांत (हेनरी फेयोल, लूथर गुलिक एवं अन्य), संगठन का मानवीय संबंध सिद्धांत (एल्टन मेयो एवं उनके सहयोगी), व्यवहारवादी उपागम, प्रणाली उपागम तथा संगठनात्मक प्रभावशीलता।

लोक प्रशासन और प्रबंधन के अध्ययन में संगठन एक केंद्रीय अवधारणा है। किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका संगठन कितना सुव्यवस्थित, समन्वित और प्रभावी है। समय के साथ विभिन्न विद्वानों ने संगठन की प्रकृति, संरचना, कार्यप्रणाली तथा मानव व्यवहार को समझने के लिए अनेक सिद्धांत प्रस्तुत किए। इन सिद्धांतों ने प्रशासनिक विज्ञान को एक व्यवस्थित ज्ञान के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संगठन के प्रमुख सिद्धांतों में वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत, नौकरशाही सिद्धांत, शास्त्रीय सिद्धांत, मानवीय संबंध सिद्धांत, व्यवहारवादी उपागम, प्रणाली उपागम तथा संगठनात्मक प्रभावशीलता की अवधारणा प्रमुख हैं।

वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत का विकास बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में टेलर और उनके सहयोगियों ने किया। इस सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य कार्यक्षमता और उत्पादकता को बढ़ाना था। टेलर का विश्वास था कि प्रत्येक कार्य को करने का एक सर्वोत्तम तरीका होता है जिसे वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से खोजा जा सकता है। उन्होंने कार्यों के समय और गति का अध्ययन करके यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि यदि कार्यों को वैज्ञानिक ढंग से विभाजित किया जाए और कर्मचारियों को उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्त किया जाए, तो उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। टेलर ने “अधिक उत्पादन के बदले अधिक वेतन” के सिद्धांत का समर्थन किया। उनके अनुसार प्रबंधन और श्रमिकों के बीच सहयोग होना चाहिए। वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत ने प्रशासन को तर्कसंगत और दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, किन्तु इसकी आलोचना इस आधार पर की गई कि यह मानव को केवल आर्थिक प्राणी मानता है और उसकी सामाजिक तथा मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की उपेक्षा करता है।

संगठन के अध्ययन में मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित नौकरशाही सिद्धांत का विशेष महत्व है। वेबर ने संगठन की एक आदर्श संरचना प्रस्तुत की जिसे उन्होंने नौकरशाही कहा। उनके अनुसार किसी संगठन की सफलता स्पष्ट नियमों, निर्धारित अधिकार क्षेत्र, कार्य विभाजन, पदानुक्रम, लिखित अभिलेखों तथा योग्यता आधारित नियुक्तियों पर निर्भर करती है। नौकरशाही व्यवस्था में प्रत्येक अधिकारी का कार्य और अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित होता है तथा निर्णय व्यक्तिगत भावनाओं के बजाय नियमों के आधार पर लिए जाते हैं। वेबर का मानना था कि आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए नौकरशाही सबसे तार्किक और प्रभावी प्रणाली है। इस सिद्धांत ने प्रशासनिक संस्थाओं में स्थिरता, निष्पक्षता और पूर्वानुमेयता को बढ़ावा दिया। हालांकि अत्यधिक नियमबद्धता, लालफीताशाही, विलंब और अनावश्यक औपचारिकता इसकी प्रमुख कमियाँ मानी जाती हैं।

शास्त्रीय सिद्धांत संगठन के प्रारंभिक औपचारिक सिद्धांतों में से एक है। इस सिद्धांत के प्रमुख प्रवर्तकों में हेनरी फेयोल, लूथर गुलिक तथा अन्य विद्वान शामिल हैं। शास्त्रीय सिद्धांत संगठन की संरचना, अधिकार, उत्तरदायित्व और प्रशासनिक सिद्धांतों पर बल देता है। फेयोल ने प्रशासन के पाँच प्रमुख कार्यों—नियोजन, संगठन, आदेश, समन्वय और नियंत्रण—का उल्लेख किया तथा प्रशासन के चौदह सिद्धांतों का प्रतिपादन किया। इनमें कार्य विभाजन, अधिकार एवं उत्तरदायित्व, अनुशासन, आदेश की एकता, निर्देशन की एकता तथा केंद्रीकरण जैसे सिद्धांत प्रमुख हैं। लूथर गुलिक ने प्रशासनिक कार्यों को समझाने के लिए POSDCORB सूत्र प्रस्तुत किया, जिसमें नियोजन, संगठन, कर्मचारी व्यवस्था, निर्देशन, समन्वय, प्रतिवेदन और बजट निर्माण को प्रशासन के प्रमुख कार्य माना गया। शास्त्रीय सिद्धांत ने प्रशासन को एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया, किन्तु इसकी आलोचना इसलिए की गई कि यह संगठन के मानवीय पक्ष को पर्याप्त महत्व नहीं देता।

मानवीय संबंध सिद्धांत संगठन के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है। इसका विकास एल्टन मेयो और उनके सहयोगियों द्वारा किए गए हॉथोर्न प्रयोगों के परिणामस्वरूप हुआ। इन प्रयोगों से यह निष्कर्ष निकला कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता केवल भौतिक परिस्थितियों या आर्थिक प्रोत्साहनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सामाजिक संबंधों, समूह भावना, सम्मान और सहभागिता जैसे कारकों से भी प्रभावित होती है। मेयो ने यह प्रतिपादित किया कि कर्मचारी केवल मशीन का एक भाग नहीं हैं, बल्कि वे भावनाओं, इच्छाओं और सामाजिक आवश्यकताओं वाले मनुष्य हैं। इसलिए संगठन में मानवीय संबंधों को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इस सिद्धांत ने संगठन में संचार, नेतृत्व, प्रेरणा और कर्मचारी संतोष के महत्व को स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप प्रशासन में मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का विकास हुआ।

मानवीय संबंध आंदोलन के बाद व्यवहारवादी उपागम का विकास हुआ। यह उपागम संगठन में व्यक्तियों और समूहों के वास्तविक व्यवहार का अध्ययन करता है। इसके प्रमुख विद्वानों में Herbert A. Simon हर्बर्ट साइमन, Chester Barnard चेस्टर बर्नार्ड तथा अन्य व्यवहारवादी विचारक शामिल हैं। व्यवहारवादी उपागम का उद्देश्य यह समझना है कि व्यक्ति संगठन के भीतर किस प्रकार निर्णय लेते हैं और उनका व्यवहार किन कारकों से प्रभावित होता है। साइमन ने निर्णय-निर्माण को प्रशासन का केंद्र माना तथा यह बताया कि मनुष्य पूर्णतः तार्किक नहीं होता, बल्कि उसकी तार्किकता सीमित होती है। इस दृष्टिकोण ने प्रशासनिक अध्ययन को अधिक व्यावहारिक और अनुभवजन्य बनाया तथा मानव व्यवहार के वैज्ञानिक अध्ययन को प्रोत्साहित किया।

प्रणाली उपागम संगठन को एक खुली और गतिशील प्रणाली के रूप में देखता है। इस दृष्टिकोण के अनुसार संगठन अनेक परस्पर संबंधित भागों से मिलकर बना होता है जो एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। संगठन अपने बाहरी वातावरण से संसाधन प्राप्त करता है, उन्हें विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से परिवर्तित करता है और फिर परिणाम के रूप में उत्पाद या सेवाएँ प्रदान करता है। प्रणाली उपागम इस बात पर बल देता है कि संगठन को अलग-अलग भागों में नहीं, बल्कि एक समग्र इकाई के रूप में समझा जाना चाहिए। इस दृष्टिकोण ने संगठन और उसके बाहरी वातावरण के बीच संबंधों के महत्व को स्पष्ट किया तथा समन्वय, संतुलन और अनुकूलन की आवश्यकता को रेखांकित किया।

संगठनात्मक प्रभावशीलता आधुनिक संगठन सिद्धांतों की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसका संबंध इस बात से है कि कोई संगठन अपने निर्धारित उद्देश्यों को किस सीमा तक प्राप्त कर पाता है। प्रभावशीलता केवल उत्पादन या लाभ तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें कर्मचारियों की संतुष्टि, संसाधनों का उचित उपयोग, नवाचार, अनुकूलन क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे तत्व भी शामिल होते हैं। एक प्रभावी संगठन वह होता है जो बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढाल सके, अपने संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करे और अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करे। आधुनिक प्रशासन में संगठनात्मक प्रभावशीलता को प्रशासनिक सफलता का प्रमुख मापदंड माना जाता है।

इस प्रकार संगठन के विभिन्न सिद्धांत प्रशासनिक विचारधारा के विकास की क्रमिक यात्रा को दर्शाते हैं। वैज्ञानिक प्रबंधन और शास्त्रीय सिद्धांतों ने संगठन की संरचना और दक्षता पर बल दिया, नौकरशाही सिद्धांत ने नियमों और औपचारिक व्यवस्था को महत्व दिया, मानवीय संबंध तथा व्यवहारवादी उपागमों ने मानव तत्व को केंद्र में रखा, जबकि प्रणाली उपागम ने संगठन को एक समग्र और गतिशील इकाई के रूप में समझाया। संगठनात्मक प्रभावशीलता की अवधारणा इन सभी दृष्टिकोणों का समन्वय करती है और यह स्पष्ट करती है कि किसी संगठन की वास्तविक सफलता उसके उद्देश्यों की प्राप्ति तथा मानव और संसाधनों के संतुलित उपयोग में निहित है। यही कारण है कि आधुनिक लोक प्रशासन में इन सभी सिद्धांतों का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

संगठन के सिद्धांत
(Theories of Organization)
(A) वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions)

एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर दीजिए
  1. संगठन से क्या अभिप्राय है?
  2. संगठन के वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत के प्रवर्तक कौन थे?
  3. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
  4. टेलर के अनुसार प्रत्येक कार्य के लिए क्या होना चाहिए?
  5. "अधिक उत्पादन के बदले अधिक वेतन" का सिद्धांत किसने दिया?
  6. नौकरशाही सिद्धांत के प्रतिपादक कौन थे?
  7. नौकरशाही सिद्धांत का मुख्य आधार क्या है?
  8. वेबर के अनुसार नौकरशाही की प्रमुख विशेषता क्या है?
  9. शास्त्रीय सिद्धांत के प्रमुख प्रवर्तक कौन-कौन थे?
  10. हेनरी फेयोल ने प्रशासन के कितने कार्य बताए?
  11. फेयोल के प्रशासनिक सिद्धांतों की संख्या कितनी है?
  12. POSDCORB सूत्र किसने प्रतिपादित किया?
  13. POSDCORB का 'P' किसका प्रतीक है?
  14. मानवीय संबंध सिद्धांत के प्रवर्तक कौन थे?
  15. हॉथोर्न प्रयोग किससे संबंधित हैं?
  16. व्यवहारवादी उपागम के प्रमुख प्रवर्तक कौन थे?
  17. हर्बर्ट साइमन ने प्रशासन का केंद्र किसे माना?
  18. सीमित तार्किकता (Bounded Rationality) का सिद्धांत किसने दिया?
  19. प्रणाली उपागम संगठन को किस रूप में देखता है?
  20. संगठनात्मक प्रभावशीलता से क्या अभिप्राय है?

(B) बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत के जनक हैं—

(A) हेनरी फेयोल

(B) मैक्स वेबर

(C) एफ. डब्ल्यू. टेलर ✅

(D) एल्टन मेयो

2. "एक सर्वोत्तम तरीका" (One Best Way) का सिद्धांत किससे संबंधित है?

(A) मैक्स वेबर

(B) एफ. डब्ल्यू. टेलर ✅

(C) साइमन

(D) गुलिक

3. नौकरशाही सिद्धांत के प्रतिपादक हैं—

(A) एल्टन मेयो

(B) मैक्स वेबर ✅

(C) टेलर

(D) फेयोल

4. POSDCORB सूत्र किसने दिया?

(A) टेलर

(B) साइमन

(C) लूथर गुलिक ✅

(D) वेबर

5. प्रशासन के पाँच कार्यों का प्रतिपादन किसने किया?

(A) एल्टन मेयो

(B) हेनरी फेयोल ✅

(C) साइमन

(D) वेबर

6. हॉथोर्न प्रयोगों का संबंध है—

(A) वैज्ञानिक प्रबंधन

(B) नौकरशाही

(C) मानवीय संबंध सिद्धांत ✅

(D) प्रणाली उपागम

7. सीमित तार्किकता (Bounded Rationality) का सिद्धांत किसने दिया?

(A) चेस्टर बर्नार्ड

(B) हर्बर्ट साइमन ✅

(C) टेलर

(D) वेबर

8. प्रणाली उपागम संगठन को किस रूप में देखता है?

(A) बंद व्यवस्था

(B) खुली एवं गतिशील व्यवस्था ✅

(C) निजी संस्था

(D) आर्थिक संस्था

9. संगठनात्मक प्रभावशीलता का संबंध है—

(A) केवल लाभ से

(B) केवल उत्पादन से

(C) उद्देश्यों की प्राप्ति एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग से ✅

(D) केवल कर्मचारियों से

10. मानवीय संबंध सिद्धांत किस बात पर विशेष बल देता है?

(A) नियमों पर

(B) सामाजिक संबंध एवं कर्मचारी संतोष पर ✅

(C) केवल अनुशासन पर

(D) केवल वेतन पर

(C) अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer)
  1. संगठन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  2. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत क्या है?
  3. टेलर के दो सिद्धांत लिखिए।
  4. नौकरशाही सिद्धांत क्या है?
  5. वेबर के अनुसार नौकरशाही की दो विशेषताएँ लिखिए।
  6. शास्त्रीय सिद्धांत क्या है?
  7. फेयोल के पाँच प्रशासनिक कार्य लिखिए।
  8. POSDCORB का अर्थ लिखिए।
  9. मानवीय संबंध सिद्धांत क्या है?
  10. हॉथोर्न प्रयोगों का निष्कर्ष क्या था?
  11. व्यवहारवादी उपागम क्या है?
  12. सीमित तार्किकता क्या है?
  13. प्रणाली उपागम की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
  14. संगठनात्मक प्रभावशीलता क्या है?
  15. संगठनात्मक प्रभावशीलता के दो तत्व लिखिए।
  16. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत की एक सीमा लिखिए।
  17. नौकरशाही सिद्धांत की एक आलोचना लिखिए।
  18. मानवीय संबंध सिद्धांत का महत्व लिखिए।
  19. व्यवहारवादी उपागम का उद्देश्य क्या है?
  20. प्रणाली उपागम का मुख्य आधार क्या है?

(D) लघु उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
  1. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  2. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत के गुण एवं दोष लिखिए।
  3. मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।
  4. नौकरशाही सिद्धांत की विशेषताएँ एवं आलोचनाएँ लिखिए।
  5. शास्त्रीय सिद्धांत की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  6. हेनरी फेयोल के प्रशासनिक सिद्धांतों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  7. POSDCORB सूत्र की व्याख्या कीजिए।
  8. मानवीय संबंध सिद्धांत की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  9. व्यवहारवादी उपागम की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
  10. प्रणाली उपागम एवं संगठनात्मक प्रभावशीलता का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

(E) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (10/15 अंक)
  1. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत की अवधारणा, विशेषताओं, महत्व एवं आलोचनाओं का विस्तृत विवेचन कीजिए।
  2. मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
  3. शास्त्रीय संगठन सिद्धांत का विस्तृत वर्णन कीजिए।
  4. हेनरी फेयोल के प्रशासनिक सिद्धांतों का मूल्यांकन कीजिए।
  5. लूथर गुलिक के POSDCORB सूत्र की व्याख्या कीजिए।
  6. मानवीय संबंध सिद्धांत की अवधारणा एवं प्रशासन में उसके महत्व का विश्लेषण कीजिए।
  7. व्यवहारवादी उपागम की प्रमुख विशेषताओं एवं योगदान का वर्णन कीजिए।
  8. प्रणाली उपागम की अवधारणा एवं संगठन अध्ययन में उसके महत्व का विश्लेषण कीजिए।
  9. संगठनात्मक प्रभावशीलता की अवधारणा एवं उसके प्रमुख तत्वों का वर्णन कीजिए।
  10. संगठन के विभिन्न सिद्धांतों के विकास का क्रमबद्ध एवं आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।

(F) तुलनात्मक/विश्लेषणात्मक प्रश्न (M.A. स्तर)
  1. वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत एवं मानवीय संबंध सिद्धांत का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  2. शास्त्रीय सिद्धांत एवं व्यवहारवादी उपागम में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  3. नौकरशाही सिद्धांत एवं प्रणाली उपागम का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
  4. टेलर एवं फेयोल के प्रशासनिक विचारों की तुलना कीजिए।
  5. मैक्स वेबर एवं एल्टन मेयो के संगठन संबंधी विचारों का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  6. संगठन के पारंपरिक एवं आधुनिक सिद्धांतों की तुलना कीजिए।
  7. संगठनात्मक प्रभावशीलता की अवधारणा का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
  8. क्या व्यवहारवादी उपागम ने संगठन सिद्धांत को अधिक व्यावहारिक बनाया? स्पष्ट कीजिए।
  9. आधुनिक प्रशासन में प्रणाली उपागम की प्रासंगिकता का मूल्यांकन कीजिए।
  10. क्या संगठन की सफलता केवल संरचना पर निर्भर करती है? विभिन्न संगठन सिद्धांतों के आधार पर विवेचना कीजिए।

(G) संभावित परीक्षा के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न (Most Expected Questions)
  1. एफ. डब्ल्यू. टेलर के वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
  2. मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत की प्रमुख विशेषताओं एवं आलोचनाओं का वर्णन कीजिए।
  3. हेनरी फेयोल के प्रशासनिक सिद्धांतों का विस्तृत विवेचन कीजिए।
  4. लूथर गुलिक के POSDCORB सूत्र की व्याख्या कीजिए।
  5. एल्टन मेयो के मानवीय संबंध सिद्धांत का प्रशासनिक महत्व स्पष्ट कीजिए।
  6. हर्बर्ट साइमन के व्यवहारवादी उपागम एवं सीमित तार्किकता सिद्धांत का विश्लेषण कीजिए।
  7. प्रणाली उपागम की अवधारणा एवं संगठन अध्ययन में उसकी उपयोगिता का वर्णन कीजिए।
  8. संगठनात्मक प्रभावशीलता की अवधारणा एवं उसके प्रमुख तत्वों का विस्तृत अध्ययन कीजिए।
  9. संगठन के विभिन्न सिद्धांतों के विकास का क्रमबद्ध एवं समालोचनात्मक विवेचन कीजिए।
  10. आधुनिक लोक प्रशासन में संगठन के पारंपरिक एवं आधुनिक सिद्धांतों की प्रासंगिकता का मूल्यांकन कीजिए।

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