Unit-01
Political Science: Definition, Nature, Scope ,Methods And Relations With Other Social Sciences
राजनीति विज्ञान : परिभाषा, स्वरूप, क्षेत्र, अध्ययन की विधियाँ तथा अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ संबंध।
मानव एक सामाजिक और राजनीतिक प्राणी है। वह समाज में रहते हुए अनेक प्रकार के संबंध स्थापित करता है तथा अपने जीवन को व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं का निर्माण करता है। इन संस्थाओं में राज्य सबसे महत्वपूर्ण संस्था मानी जाती है, क्योंकि यही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है, कानून बनाती है, न्याय प्रदान करती है तथा समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखती है। राज्य की उत्पत्ति, सरकार की संरचना, सत्ता का स्वरूप, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य, सार्वजनिक नीतियाँ तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रक्रियाओं का व्यवस्थित अध्ययन जिस विषय के अंतर्गत किया जाता है, उसे राजनीति विज्ञान कहा जाता है। आधुनिक समय में राजनीति विज्ञान केवल शासन और सरकार के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, प्रशासन, वैश्विक संबंधों और मानव व्यवहार से जुड़ी राजनीतिक प्रक्रियाओं का भी व्यापक अध्ययन करता है। यही कारण है कि वर्तमान युग में राजनीति विज्ञान को एक गतिशील और बहुआयामी सामाजिक विज्ञान माना जाता है।
राजनीति विज्ञान शब्द का विकास प्राचीन यूनानी शब्द पोलिस (Polis) से हुआ है, जिसका अर्थ नगर-राज्य होता है। प्राचीन यूनान में राजनीतिक जीवन नगर-राज्यों के माध्यम से संचालित होता था, इसलिए वहाँ शासन और राज्य के अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया। समय के साथ राजनीतिक संस्थाओं का स्वरूप बदलता गया और राजनीति विज्ञान का अध्ययन भी अधिक व्यापक होता गया। आज यह विषय केवल राज्य की संरचना का अध्ययन नहीं करता, बल्कि सत्ता के वितरण, लोकतंत्र, संविधान, चुनाव, राजनीतिक दल, दबाव समूह, जनमत, सार्वजनिक नीति, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय राजनीति तथा वैश्विक शासन जैसी अनेक अवधारणाओं को भी अपने अध्ययन का भाग बनाता है।
राजनीति विज्ञान की अनेक विद्वानों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषा दी है। कुछ विद्वानों ने इसे राज्य का विज्ञान माना, जबकि कुछ ने सरकार, सत्ता, सार्वजनिक नीति और राजनीतिक व्यवहार को इसका मुख्य विषय बताया। पारंपरिक दृष्टिकोण के अनुसार राजनीति विज्ञान राज्य और सरकार का व्यवस्थित अध्ययन है। आधुनिक दृष्टिकोण के अनुसार राजनीति विज्ञान उन सभी प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है जिनके माध्यम से समाज में शक्ति का वितरण, निर्णय निर्माण, संसाधनों का आवंटन तथा सार्वजनिक जीवन का संचालन होता है। इस प्रकार राजनीति विज्ञान का उद्देश्य केवल राजनीतिक संस्थाओं का वर्णन करना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि राजनीतिक व्यवस्था व्यवहार में कैसे कार्य करती है और उसका नागरिकों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।
राजनीति विज्ञान का स्वरूप समय के साथ निरंतर विकसित हुआ है। प्रारंभ में यह मुख्यतः दार्शनिक और आदर्शवादी विषय था, जिसमें न्याय, आदर्श राज्य और सर्वोत्तम शासन व्यवस्था जैसे प्रश्नों पर विचार किया जाता था। बाद में इसमें ऐतिहासिक और कानूनी दृष्टिकोण का विकास हुआ, जिसके अंतर्गत संविधानों, कानूनों और प्रशासनिक संस्थाओं का अध्ययन प्रमुख बन गया। बीसवीं शताब्दी में व्यवहारवादी दृष्टिकोण के उदय के बाद राजनीति विज्ञान में वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग बढ़ा और राजनीतिक व्यवहार, मतदान, नेतृत्व, जनमत तथा राजनीतिक संस्कृति जैसे विषयों का अध्ययन किया जाने लगा। वर्तमान समय में राजनीति विज्ञान अनुभवजन्य तथ्यों, वैज्ञानिक विश्लेषण और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर समान रूप से बल देता है। इसलिए इसका स्वरूप सैद्धांतिक और व्यावहारिक, दोनों प्रकार का माना जाता है। यह एक सामाजिक विज्ञान भी है और एक व्यवहारिक विज्ञान भी, क्योंकि इसका संबंध प्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन, समाज और शासन व्यवस्था से है।
राजनीति विज्ञान का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है और समय के साथ निरंतर विस्तृत होता जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य की उत्पत्ति, विकास, उद्देश्य और कार्यों का अध्ययन किया जाता है। सरकार के विभिन्न अंगों—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—की संरचना, शक्तियाँ तथा कार्यप्रणाली भी इसका महत्वपूर्ण भाग हैं। संविधान, नागरिकता, लोकतंत्र, चुनाव प्रणाली, राजनीतिक दल, दबाव समूह, जनमत, सार्वजनिक प्रशासन, स्थानीय स्वशासन, सार्वजनिक नीति तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व का अध्ययन भी राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त राजनीतिक विचारधाराएँ, प्राचीन एवं आधुनिक राजनीतिक चिंतन, तुलनात्मक राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, वैश्विक संस्थाएँ, मानवाधिकार, पर्यावरणीय राजनीति, महिला अध्ययन, डिजिटल शासन तथा सुशासन जैसी आधुनिक अवधारणाएँ भी राजनीति विज्ञान के अध्ययन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। बदलती हुई विश्व परिस्थितियों के साथ राजनीति विज्ञान का अध्ययन भी अधिक व्यापक और समसामयिक होता जा रहा है।
किसी भी विषय के व्यवस्थित अध्ययन के लिए उपयुक्त अध्ययन विधियों का होना आवश्यक है। राजनीति विज्ञान में विभिन्न प्रकार की अध्ययन विधियों का उपयोग किया जाता है ताकि राजनीतिक घटनाओं और संस्थाओं को वैज्ञानिक तथा वस्तुनिष्ठ रूप से समझा जा सके। ऐतिहासिक विधि के माध्यम से राजनीतिक संस्थाओं और विचारों के विकास का अध्ययन किया जाता है। तुलनात्मक विधि में विभिन्न देशों की राजनीतिक व्यवस्थाओं की तुलना करके उनकी समानताओं और भिन्नताओं का विश्लेषण किया जाता है। कानूनी विधि संविधान, कानूनों और न्यायिक निर्णयों के अध्ययन पर आधारित होती है। व्यवहारवादी विधि राजनीतिक व्यवहार, मतदान, नेतृत्व, जनमत तथा नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी का अध्ययन करती है। इसके अतिरिक्त समाजशास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक, संस्थागत, पर्यवेक्षण, सर्वेक्षण, सांख्यिकीय तथा वैज्ञानिक अनुसंधान विधियों का भी व्यापक उपयोग किया जाता है। आधुनिक राजनीति विज्ञान में इन सभी विधियों का समन्वित प्रयोग किया जाता है ताकि निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय, व्यावहारिक और यथार्थपरक हो सकें।
राजनीति विज्ञान का अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। कोई भी सामाजिक विज्ञान अकेले मानव समाज की जटिल समस्याओं को पूरी तरह नहीं समझ सकता। इसलिए विभिन्न विषय एक-दूसरे की सहायता से समाज का समग्र अध्ययन करते हैं। राजनीति विज्ञान और इतिहास का संबंध अत्यंत निकट है, क्योंकि वर्तमान राजनीतिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को समझने के लिए उनके ऐतिहासिक विकास का ज्ञान आवश्यक है। इतिहास राजनीति को अनुभव प्रदान करता है और राजनीति विज्ञान इतिहास को विश्लेषण की दृष्टि देता है।
राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र का संबंध भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाजशास्त्र सामाजिक संरचना, समूहों, परंपराओं और सामाजिक व्यवहार का अध्ययन करता है, जबकि राजनीति विज्ञान इन सामाजिक तत्वों के राजनीतिक प्रभावों का विश्लेषण करता है। जाति, वर्ग, धर्म, परिवार, शिक्षा तथा सामाजिक परिवर्तन जैसी अवधारणाएँ दोनों विषयों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र का संबंध भी गहरा है, क्योंकि आर्थिक नीतियाँ, संसाधनों का वितरण, विकास, गरीबी, बेरोजगारी तथा वैश्विक आर्थिक व्यवस्था राजनीतिक निर्णयों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं।
राजनीति विज्ञान का लोक प्रशासन से भी घनिष्ठ संबंध है। राजनीति विज्ञान नीतियों के निर्माण का अध्ययन करता है, जबकि लोक प्रशासन उन नीतियों के क्रियान्वयन का अध्ययन करता है। इसी प्रकार मनोविज्ञान राजनीतिक नेतृत्व, जनमत, मतदान व्यवहार तथा राजनीतिक निर्णयों को समझने में सहायता करता है। भूगोल किसी राष्ट्र की विदेश नीति, सुरक्षा तथा आर्थिक विकास को प्रभावित करता है, इसलिए राजनीति विज्ञान और भूगोल का भी निकट संबंध है। अंतरराष्ट्रीय संबंध, विधि, मानवशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन तथा संचार अध्ययन जैसे विषयों से भी राजनीति विज्ञान का निरंतर संबंध बढ़ता जा रहा है। आधुनिक समय में अंतर्विषयक अध्ययन की अवधारणा ने राजनीति विज्ञान को और अधिक समृद्ध तथा व्यापक बना दिया है।
वर्तमान वैश्विक युग में राजनीति विज्ञान का महत्व पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ गया है। लोकतंत्र का विस्तार, मानवाधिकारों की बढ़ती जागरूकता, सूचना प्रौद्योगिकी का विकास, वैश्वीकरण, पर्यावरणीय संकट, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष तथा डिजिटल शासन जैसी नई चुनौतियों को समझने के लिए राजनीति विज्ञान का अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो गया है। यह विषय नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक चेतना, उत्तरदायित्व, सहिष्णुता तथा राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करता है। साथ ही यह विद्यार्थियों को राजनीतिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने, सार्वजनिक नीतियों को समझने तथा समाज के समक्ष उपस्थित समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित करता है।
इस प्रकार राजनीति विज्ञान केवल राज्य और सरकार का अध्ययन करने वाला विषय नहीं है, बल्कि यह मानव, समाज और शासन के बीच स्थापित संबंधों का व्यापक एवं वैज्ञानिक अध्ययन है। इसका क्षेत्र निरंतर विस्तृत हो रहा है, इसकी अध्ययन विधियाँ अधिक वैज्ञानिक बनती जा रही हैं तथा अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ इसका संबंध लगातार मजबूत हो रहा है। यही कारण है कि राजनीति विज्ञान आधुनिक समाज को समझने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और उत्तरदायी नागरिकता का विकास करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी सामाजिक विज्ञान माना जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
राजनीति विज्ञान की परिभाषा देते हुए उसके स्वरूप का विस्तृत वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान के क्षेत्र (Scope) का विस्तारपूर्वक विवेचन कीजिए।
राजनीति विज्ञान की प्रमुख अध्ययन विधियों का वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान और इतिहास के मध्य संबंध स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के संबंध का विश्लेषण कीजिए।
राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के परस्पर संबंध का विवेचन कीजिए।
राजनीति विज्ञान तथा लोक प्रशासन के संबंध का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान का अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ संबंध स्पष्ट कीजिए।
आधुनिक युग में राजनीति विज्ञान के बढ़ते महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
राजनीति विज्ञान के पारंपरिक एवं आधुनिक स्वरूप की तुलना कीजिए।
राजनीति विज्ञान के अध्ययन में व्यवहारवादी दृष्टिकोण का महत्व स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान के अध्ययन की वैज्ञानिक विधियों का वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान को सामाजिक विज्ञान क्यों कहा जाता है? स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान की विषय-वस्तु का विस्तृत वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान के अध्ययन की आवश्यकता एवं उपयोगिता का विवेचन कीजिए।
लघु उत्तरीय प्रश्न
राजनीति विज्ञान से क्या अभिप्राय है?
राजनीति विज्ञान की कोई दो परिभाषाएँ लिखिए।
राजनीति विज्ञान का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान का क्षेत्र क्या है?
राजनीति विज्ञान की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
राजनीति विज्ञान की ऐतिहासिक विधि क्या है?
तुलनात्मक अध्ययन विधि क्या है?
व्यवहारवादी अध्ययन विधि से क्या अभिप्राय है?
राजनीति विज्ञान और इतिहास में क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र का संबंध स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन में क्या अंतर है?
राजनीति विज्ञान और मनोविज्ञान का संबंध बताइए।
राजनीति विज्ञान को सामाजिक विज्ञान क्यों कहा जाता है?
राजनीति विज्ञान के अध्ययन का महत्व लिखिए।
राज्य राजनीति विज्ञान का मुख्य विषय क्यों है?
सरकार राजनीति विज्ञान में क्यों महत्वपूर्ण है?
राजनीति विज्ञान में संविधान का अध्ययन क्यों किया जाता है?
लोकतंत्र राजनीति विज्ञान का महत्वपूर्ण विषय क्यों है?
आधुनिक राजनीति विज्ञान किन विषयों का अध्ययन करता है?
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
राजनीति विज्ञान क्या है?
"Politics" शब्द किस भाषा से आया है?
"Polis" का क्या अर्थ है?
राजनीति विज्ञान का मुख्य विषय क्या है?
राजनीति विज्ञान की एक अध्ययन विधि का नाम लिखिए।
ऐतिहासिक विधि क्या है?
तुलनात्मक विधि किसे कहते हैं?
व्यवहारवाद क्या है?
राजनीति विज्ञान किस प्रकार का विज्ञान है?
राजनीति विज्ञान का समाजशास्त्र से क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान का इतिहास से क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान का अर्थशास्त्र से क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान का लोक प्रशासन से क्या संबंध है?
राजनीति विज्ञान का एक आधुनिक विषय लिखिए।
राजनीति विज्ञान का उद्देश्य क्या है?
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
1. राजनीति विज्ञान का मुख्य विषय क्या है?
(A) साहित्य
(B) राज्य एवं सरकार
(C) भूगोल
(D) जीव विज्ञान
उत्तर – (B)
2. "Politics" शब्द किस यूनानी शब्द से बना है?
(A) Demos
(B) Polis
(C) Logos
(D) Ethos
उत्तर – (B)
3. "Polis" का अर्थ है—
(A) गाँव
(B) नगर-राज्य
(C) राष्ट्र
(D) साम्राज्य
उत्तर – (B)
4. राजनीति विज्ञान किस प्रकार का विज्ञान है?
(A) प्राकृतिक विज्ञान
(B) सामाजिक विज्ञान
(C) भौतिक विज्ञान
(D) जैविक विज्ञान
उत्तर – (B)
5. राजनीति विज्ञान का अध्ययन मुख्यतः किससे संबंधित है?
(A) राज्य, सरकार एवं राजनीतिक प्रक्रियाओं से
(B) व्यापार से
(C) कृषि से
(D) चिकित्सा से
उत्तर – (A)
6. निम्नलिखित में कौन राजनीति विज्ञान की अध्ययन विधि है?
(A) ऐतिहासिक विधि
(B) तुलनात्मक विधि
(C) व्यवहारवादी विधि
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (D)
7. ऐतिहासिक विधि का उद्देश्य है—
(A) भविष्य बताना
(B) राजनीतिक संस्थाओं के विकास का अध्ययन करना
(C) केवल कानून पढ़ना
(D) केवल चुनाव का अध्ययन करना
उत्तर – (B)
8. तुलनात्मक विधि में क्या किया जाता है?
(A) देशों की राजनीतिक व्यवस्थाओं की तुलना
(B) केवल इतिहास पढ़ा जाता है
(C) केवल संविधान पढ़ा जाता है
(D) केवल अर्थव्यवस्था पढ़ी जाती है
उत्तर – (A)
9. व्यवहारवादी दृष्टिकोण किस पर बल देता है?
(A) आदर्शवाद
(B) राजनीतिक व्यवहार एवं अनुभवजन्य अध्ययन
(C) केवल दर्शन
(D) केवल कानून
उत्तर – (B)
10. राजनीति विज्ञान का इतिहास से संबंध क्यों है?
(A) इतिहास राजनीतिक विकास को समझने में सहायता करता है।
(B) इतिहास का कोई संबंध नहीं।
(C) केवल भूगोल से संबंध है।
(D) केवल अर्थशास्त्र से संबंध है।
उत्तर – (A)
11. राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र दोनों किसका अध्ययन करते हैं?
(A) समाज और मानव व्यवहार
(B) केवल व्यापार
(C) केवल उद्योग
(D) केवल कृषि
उत्तर – (A)
12. राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र का संबंध किससे है?
(A) आर्थिक नीतियों से
(B) केवल खेल से
(C) केवल शिक्षा से
(D) केवल साहित्य से
उत्तर – (A)
13. राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन का संबंध किससे है?
(A) नीति निर्माण और क्रियान्वयन से
(B) केवल चुनाव से
(C) केवल न्यायपालिका से
(D) केवल मीडिया से
उत्तर – (A)
14. राजनीति विज्ञान का आधुनिक क्षेत्र कौन-सा है?
(A) मानवाधिकार
(B) पर्यावरणीय राजनीति
(C) डिजिटल शासन
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (D)
15. राजनीति विज्ञान का उद्देश्य क्या है?
(A) राजनीतिक व्यवस्था का अध्ययन करना
(B) लोकतांत्रिक मूल्यों को समझना
(C) नागरिकों को जागरूक बनाना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (D)
16. राजनीति विज्ञान का संबंध किससे नहीं है?
(A) इतिहास
(B) समाजशास्त्र
(C) अर्थशास्त्र
(D) रसायन विज्ञान
उत्तर – (D)
17. आधुनिक राजनीति विज्ञान किस पर बल देता है?
(A) वैज्ञानिक अध्ययन
(B) अनुभवजन्य तथ्य
(C) राजनीतिक व्यवहार
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (D)
18. राजनीति विज्ञान में संविधान का अध्ययन क्यों किया जाता है?
(A) शासन व्यवस्था को समझने के लिए
(B) खेती करने के लिए
(C) व्यापार बढ़ाने के लिए
(D) चिकित्सा के लिए
उत्तर – (A)
19. राजनीति विज्ञान का अध्ययन किसके लिए उपयोगी है?
(A) केवल राजनीतिज्ञों के लिए
(B) केवल वकीलों के लिए
(C) प्रत्येक जागरूक नागरिक के लिए
(D) केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए
उत्तर – (C)
20. राजनीति विज्ञान का अंतिम उद्देश्य क्या है?
(A) लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझना और सुदृढ़ करना
(B) केवल चुनाव कराना
(C) केवल कानून बनाना
(D) केवल प्रशासन चलाना
उत्तर – (A)
अत्यंत महत्वपूर्ण (Exam-Oriented) प्रश्न
राजनीति विज्ञान की परिभाषा लिखिए।
राजनीति विज्ञान का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान की अध्ययन विधियाँ लिखिए।
राजनीति विज्ञान और इतिहास में संबंध स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के संबंध का वर्णन कीजिए।
राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र का संबंध स्पष्ट कीजिए।
राजनीति विज्ञान को सामाजिक विज्ञान क्यों कहा जाता है?
आधुनिक राजनीति विज्ञान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
राजनीति विज्ञान का महत्व स्पष्ट कीजिए।
