Unit-05
Salient Features Of The British Constitution And Examination Of The Relationship Between The Executive And Legislature And Role of Judiciary in UK
ब्रिटिश संविधान की प्रमुख विशेषताएँ तथा कार्यपालिका और विधायिका के पारस्परिक संबंधों का परीक्षण एवं यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में न्यायपालिका की भूमिका
ब्रिटेन का संविधान विश्व के सबसे प्राचीन और प्रभावशाली संवैधानिक व्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। आधुनिक लोकतांत्रिक शासन की अनेक संस्थाएँ और परंपराएँ ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था से विकसित हुई हैं। संसदीय शासन प्रणाली, मंत्रिमंडलीय उत्तरदायित्व, विधि का शासन, संवैधानिक राजतंत्र तथा संसदीय सर्वोच्चता जैसी अवधारणाओं ने न केवल ब्रिटेन की राजनीतिक व्यवस्था को आकार दिया, बल्कि अनेक देशों की संवैधानिक संरचनाओं को भी गहराई से प्रभावित किया। ब्रिटिश संविधान की विशेषता यह है कि इसका निर्माण किसी एक समय में किसी एक संविधान सभा द्वारा नहीं किया गया, बल्कि यह कई शताब्दियों के राजनीतिक संघर्षों, संवैधानिक विकास, न्यायिक निर्णयों, संसदीय कानूनों और संवैधानिक परंपराओं के क्रमिक विकास का परिणाम है। यही कारण है कि इसे एक विकसित (Evolved) संविधान कहा जाता है।
ब्रिटिश संविधान का सबसे विशिष्ट गुण इसका क्रमिक विकास है। जहाँ अनेक देशों के संविधान एक निश्चित तिथि को लिखित रूप में लागू किए गए, वहीं ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था धीरे-धीरे विकसित हुई। विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं, जैसे राजसत्ता और संसद के बीच संघर्ष, नागरिक अधिकारों के विस्तार, लोकतांत्रिक सुधारों तथा न्यायिक परंपराओं ने मिलकर इसकी वर्तमान संरचना का निर्माण किया। इस विकासशील प्रकृति ने ब्रिटिश संविधान को समयानुकूल परिवर्तन करने की क्षमता प्रदान की है।
ब्रिटिश संविधान की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे सामान्यतः अलिखित संविधान कहा जाता है। इसका आशय यह नहीं है कि ब्रिटेन में कोई संवैधानिक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह है कि संविधान का संपूर्ण स्वरूप किसी एक लिखित ग्रंथ में संकलित नहीं है। इसके विभिन्न स्रोतों में संसद द्वारा बनाए गए अधिनियम, न्यायालयों के निर्णय, संवैधानिक परंपराएँ, ऐतिहासिक दस्तावेज़ तथा विद्वानों की व्याख्याएँ सम्मिलित हैं। इस व्यवस्था के कारण संविधान समय की आवश्यकताओं के अनुसार अपेक्षाकृत लचीले ढंग से विकसित होता रहा है।
ब्रिटिश संविधान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत संसदीय सर्वोच्चता है। इस सिद्धांत के अनुसार संसद सर्वोच्च विधि-निर्माता संस्था है और उसे किसी भी विषय पर कानून बनाने, संशोधित करने अथवा समाप्त करने का अधिकार प्राप्त है। ब्रिटेन में सामान्यतः कोई न्यायालय संसद द्वारा बनाए गए विधानों को असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकता। इस व्यवस्था ने संसद को अत्यंत शक्तिशाली बनाया है तथा लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व को संसद के माध्यम से अभिव्यक्ति प्रदान की है।
ब्रिटिश संवैधानिक व्यवस्था का एक अन्य आधार विधि का शासन (Rule of Law) है। इसका अर्थ है कि राज्य का संचालन कानून के अनुसार होगा और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सामान्य नागरिक हो या उच्च पदाधिकारी, कानून से ऊपर नहीं होगा। सभी व्यक्तियों के लिए समान विधिक संरक्षण और समान दायित्व की व्यवस्था ब्रिटिश लोकतंत्र की आधारशिला मानी जाती है। विधि का शासन शासन की मनमानी को सीमित करता है तथा नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
ब्रिटेन में संवैधानिक राजतंत्र की व्यवस्था है। सम्राट या सम्राज्ञी राष्ट्र का संवैधानिक प्रमुख होता है, किंतु वास्तविक शासन निर्वाचित प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के माध्यम से संचालित होता है। सम्राट संवैधानिक परंपराओं के अनुसार कार्य करता है और अधिकांश शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर किया जाता है। इस प्रकार राजतंत्र राष्ट्रीय निरंतरता, ऐतिहासिक परंपरा और संवैधानिक स्थिरता का प्रतीक है, जबकि वास्तविक राजनीतिक उत्तरदायित्व लोकतांत्रिक संस्थाओं के पास रहता है।
ब्रिटेन की शासन व्यवस्था संसदीय प्रणाली पर आधारित है। इस व्यवस्था में कार्यपालिका संसद से उत्पन्न होती है और उसी के प्रति उत्तरदायी रहती है। प्रधानमंत्री सामान्यतः उस राजनीतिक दल का नेता होता है जिसे हाउस ऑफ कॉमन्स में बहुमत प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद का गठन करता है और मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से संसद के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि मंत्रिपरिषद संसद का विश्वास खो देती है, तो उसे त्यागपत्र देना पड़ता है या आम चुनाव का मार्ग अपनाना पड़ता है। इस व्यवस्था से कार्यपालिका और विधायिका के बीच निरंतर समन्वय बना रहता है।
ब्रिटिश संविधान की एक विशेष पहचान उसकी संवैधानिक परंपराएँ (Constitutional Conventions) हैं। यद्यपि ये न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराई जा सकतीं, फिर भी राजनीतिक व्यवस्था के सुचारु संचालन में इनका अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। प्रधानमंत्री की नियुक्ति, मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व की परंपरा, सम्राट द्वारा मंत्रिपरिषद की सलाह स्वीकार करना तथा संसद के अनेक कार्य इन्हीं परंपराओं के आधार पर संचालित होते हैं। इन परंपराओं ने ब्रिटिश संविधान को व्यावहारिक, लचीला और स्थिर बनाया है।
ब्रिटिश संविधान की एक और महत्वपूर्ण विशेषता इसकी लचीलापन है। चूँकि संविधान का अधिकांश भाग साधारण संसदीय अधिनियमों और परंपराओं पर आधारित है, इसलिए आवश्यकतानुसार परिवर्तन अपेक्षाकृत सरलता से किए जा सकते हैं। यह लचीलापन बदलती सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप संवैधानिक विकास को संभव बनाता है। साथ ही, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को समयानुकूल बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होता है।
ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था ने लोकतंत्र, उत्तरदायित्व, राजनीतिक स्थिरता और संस्थागत संतुलन के बीच एक उल्लेखनीय समन्वय स्थापित किया है। यद्यपि समय-समय पर इसमें सुधार हुए हैं और भविष्य में भी परिवर्तन संभव हैं, फिर भी इसकी मूल विशेषताएँ आज भी विश्व के अनेक लोकतांत्रिक देशों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
इस प्रकार ब्रिटिश संविधान का स्वरूप ऐतिहासिक विकास, संसदीय सर्वोच्चता, विधि का शासन, संवैधानिक राजतंत्र, संसदीय शासन प्रणाली, संवैधानिक परंपराओं और लचीलेपन जैसे तत्वों पर आधारित है। इन विशेषताओं ने ब्रिटेन को एक स्थिर, उत्तरदायी और परिपक्व लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था प्रदान की है तथा आधुनिक संवैधानिक लोकतंत्र के विकास में उसकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
ब्रिटिश संविधान की प्रमुख विशेषताओं का विस्तृत विवेचन कीजिए।
ब्रिटिश संविधान के ऐतिहासिक विकास का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
ब्रिटिश संविधान को विकसित (Evolved) संविधान क्यों कहा जाता है? स्पष्ट कीजिए।
ब्रिटिश संविधान की प्रमुख विशेषताओं का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
ब्रिटेन में संसदीय सर्वोच्चता (Parliamentary Sovereignty) की अवधारणा का विश्लेषण कीजिए।
ब्रिटेन में विधि के शासन (Rule of Law) के सिद्धांत का महत्व स्पष्ट कीजिए।
ब्रिटिश संविधान में संवैधानिक परंपराओं (Constitutional Conventions) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
ब्रिटेन में संवैधानिक राजतंत्र की अवधारणा का विवेचन कीजिए।
ब्रिटेन की संसदीय शासन प्रणाली की विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए।
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री की संवैधानिक स्थिति एवं शक्तियों का मूल्यांकन कीजिए।
ब्रिटेन में मंत्रिमंडल की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ब्रिटेन में कार्यपालिका और विधायिका के पारस्परिक संबंधों का विस्तृत विश्लेषण कीजिए।
ब्रिटेन में मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व की अवधारणा का विवेचन कीजिए।
ब्रिटिश संसद द्वारा कार्यपालिका पर नियंत्रण के साधनों का अध्ययन कीजिए।
ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमन्स एवं हाउस ऑफ लॉर्ड्स की भूमिका का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
ब्रिटेन की न्यायपालिका की संरचना एवं कार्यों का विश्लेषण कीजिए।
ब्रिटेन में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मूल्यांकन कीजिए।
ब्रिटेन में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
ब्रिटेन में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की सीमाओं का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ब्रिटेन में मानवाधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
ब्रिटेन में संसद और न्यायपालिका के संबंधों का विश्लेषण कीजिए।
ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटिश संविधान में आए प्रमुख परिवर्तनों का अध्ययन कीजिए।
ब्रिटिश संविधान की शक्तियों एवं सीमाओं का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ब्रिटिश संविधान की तुलना भारतीय संविधान से कीजिए।
आधुनिक लोकतांत्रिक शासन के विकास में ब्रिटिश संविधान के योगदान का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
लघु उत्तरीय प्रश्न
ब्रिटिश संविधान से क्या अभिप्राय है?
ब्रिटिश संविधान को अलिखित संविधान क्यों कहा जाता है?
संसदीय सर्वोच्चता क्या है?
विधि का शासन (Rule of Law) क्या है?
संवैधानिक राजतंत्र क्या है?
संसदीय शासन प्रणाली क्या है?
संवैधानिक परंपराएँ क्या हैं?
विकसित संविधान से क्या अभिप्राय है?
लचीला संविधान क्या है?
प्रधानमंत्री की संवैधानिक स्थिति स्पष्ट कीजिए।
मंत्रिमंडल की सामूहिक उत्तरदायित्व से क्या अभिप्राय है?
हाउस ऑफ कॉमन्स का महत्व लिखिए।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स की भूमिका लिखिए।
संसद द्वारा कार्यपालिका पर नियंत्रण के दो साधन लिखिए।
ब्रिटेन में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का महत्व स्पष्ट कीजिए।
ब्रिटेन का सर्वोच्च न्यायालय क्या है?
न्यायिक समीक्षा से क्या अभिप्राय है?
मानवाधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका लिखिए।
ब्रिटेन में कार्यपालिका और विधायिका के संबंधों की दो विशेषताएँ लिखिए।
संवैधानिक परंपराओं का महत्व स्पष्ट कीजिए।
ब्रिटेन में सम्राट की भूमिका लिखिए।
संसद की विधि-निर्माण प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
ब्रेक्सिट का ब्रिटिश संविधान पर क्या प्रभाव पड़ा?
ब्रिटिश संविधान की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
ब्रिटिश संविधान की दो सीमाएँ लिखिए।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
ब्रिटेन की संसद का निम्न सदन कौन-सा है?
ब्रिटेन की संसद का उच्च सदन कौन-सा है?
संसदीय सर्वोच्चता का सिद्धांत किस देश से संबंधित है?
Rule of Law की अवधारणा किससे संबंधित है?
ब्रिटेन में वास्तविक कार्यपालिका कौन है?
संवैधानिक राजतंत्र किस देश की प्रमुख विशेषता है?
ब्रिटेन का सर्वोच्च न्यायालय कब स्थापित हुआ?
प्रधानमंत्री किस सदन के बहुमत दल का नेता होता है?
मंत्रिपरिषद किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
ब्रिटिश संविधान का एक प्रमुख स्रोत लिखिए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
ब्रिटिश संविधान की प्रमुख विशेषता क्या है?
(A) पूर्णतः लिखित संविधान
(B) विकसित एवं लचीला संविधान
(C) कठोर संविधान
(D) संघीय संविधान
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में संसदीय सर्वोच्चता का सिद्धांत किस संस्था से संबंधित है?
(A) न्यायपालिका
(B) संसद
(C) कार्यपालिका
(D) सम्राट
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में वास्तविक कार्यपालिका कौन होती है?
(A) सम्राट
(B) प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल
(C) सर्वोच्च न्यायालय
(D) हाउस ऑफ लॉर्ड्स
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में राष्ट्राध्यक्ष कौन होता है?
(A) प्रधानमंत्री
(B) सम्राट
(C) मुख्य न्यायाधीश
(D) संसद अध्यक्ष
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में मंत्रिपरिषद किसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?
(A) सम्राट
(B) हाउस ऑफ कॉमन्स
(C) हाउस ऑफ लॉर्ड्स
(D) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर – (B)
ब्रिटिश संसद का निम्न सदन कौन-सा है?
(A) हाउस ऑफ लॉर्ड्स
(B) हाउस ऑफ कॉमन्स
(C) सीनेट
(D) राष्ट्रीय सभा
उत्तर – (B)
ब्रिटिश संसद का उच्च सदन कौन-सा है?
(A) हाउस ऑफ कॉमन्स
(B) हाउस ऑफ लॉर्ड्स
(C) सीनेट
(D) कांग्रेस
उत्तर – (B)
Rule of Law का संबंध किससे है?
(A) कानून की सर्वोच्चता
(B) सैन्य शासन
(C) राजतंत्र
(D) साम्यवाद
उत्तर – (A)
ब्रिटिश संविधान को विकसित संविधान क्यों कहा जाता है?
(A) यह एक ही समय में बनाया गया
(B) यह क्रमिक ऐतिहासिक विकास का परिणाम है
(C) यह केवल न्यायालय द्वारा बनाया गया
(D) यह केवल राजा द्वारा बनाया गया
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री किसके द्वारा नियुक्त किया जाता है?
(A) संसद अध्यक्ष
(B) सम्राट (संवैधानिक परंपरा के अनुसार)
(C) सर्वोच्च न्यायालय
(D) जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव से
उत्तर – (B)
ब्रिटेन की शासन प्रणाली किस प्रकार की है?
(A) राष्ट्रपति प्रणाली
(B) संसदीय प्रणाली
(C) तानाशाही
(D) प्रत्यक्ष लोकतंत्र
उत्तर – (B)
ब्रिटेन की न्यायपालिका का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(A) न्याय प्रदान करना
(B) कर वसूलना
(C) चुनाव कराना
(D) युद्ध करना
उत्तर – (A)
ब्रिटेन का सर्वोच्च न्यायालय किस वर्ष स्थापित हुआ?
(A) 1950
(B) 1975
(C) 2009
(D) 2015
उत्तर – (C)
संवैधानिक परंपराएँ किस प्रकार के नियम हैं?
(A) न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय
(B) राजनीतिक व्यवहार पर आधारित
(C) केवल धार्मिक नियम
(D) केवल प्रशासनिक आदेश
उत्तर – (B)
ब्रिटिश संविधान का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
(A) संसद द्वारा पारित अधिनियम
(B) केवल न्यायिक निर्णय
(C) केवल परंपराएँ
(D) केवल एक लिखित संविधान
उत्तर – (A)
ब्रिटेन में संसद का कार्यकाल सामान्यतः कितना होता है?
(A) 4 वर्ष
(B) 5 वर्ष
(C) 6 वर्ष
(D) 7 वर्ष
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का उद्देश्य क्या है?
(A) निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना
(B) कार्यपालिका को नियंत्रित करना
(C) संसद चलाना
(D) चुनाव कराना
उत्तर – (A)
ब्रिटिश संविधान में वास्तविक शक्ति किसके पास होती है?
(A) सम्राट
(B) निर्वाचित सरकार
(C) सेना
(D) चर्च
उत्तर – (B)
ब्रिटेन में कार्यपालिका और विधायिका के संबंध किस सिद्धांत पर आधारित हैं?
(A) शक्तियों का कठोर पृथक्करण
(B) शक्तियों का समन्वय और उत्तरदायित्व
(C) न्यायिक सर्वोच्चता
(D) सैन्य नियंत्रण
उत्तर – (B)
आधुनिक लोकतांत्रिक शासन पर ब्रिटिश संविधान का सबसे बड़ा प्रभाव क्या माना जाता है?
(A) संसदीय लोकतंत्र का विकास
(B) निरंकुश शासन
(C) उपनिवेशवाद का विस्तार
(D) सैन्य शासन की स्थापना
उत्तर – (A)
