Unit-01
Meaning, nature, Scope and Significance of Public Administration. Evolution Of Public Administration As A Discipline, Public And Private Administration, Role Of Public Administration In Modern State
लोक प्रशासन : अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र एवं महत्व; एक शैक्षणिक अनुशासन के रूप में लोक प्रशासन का विकास; लोक एवं निजी प्रशासन; आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन की भूमिका।
मानव समाज के विकास का इतिहास केवल सभ्यताओं, युद्धों और राजाओं का इतिहास नहीं है, बल्कि यह सुव्यवस्थित प्रशासन के विकास का भी इतिहास है। जब मनुष्य ने समूहों में रहना प्रारम्भ किया, तब सामाजिक जीवन को व्यवस्थित रखने के लिए कुछ नियमों, उत्तरदायित्वों और नेतृत्व की आवश्यकता अनुभव की गई। प्रारम्भ में यह व्यवस्था परिवार और कबीले तक सीमित थी, किन्तु जैसे-जैसे समाज का विस्तार हुआ, कृषि, व्यापार, नगरों और राज्यों का विकास हुआ, वैसे-वैसे प्रशासन की आवश्यकता भी अधिक जटिल और व्यापक होती गई। यही प्रशासन आगे चलकर आधुनिक लोक प्रशासन के रूप में विकसित हुआ।
प्राचीन भारत, मिस्र, यूनान, रोम और चीन जैसी महान सभ्यताओं में शासन की व्यवस्था थी, किन्तु उस समय प्रशासन को एक स्वतंत्र शैक्षणिक विषय के रूप में नहीं देखा जाता था। प्रशासन को केवल शासन चलाने का साधन माना जाता था। समय के साथ राज्यों का विस्तार हुआ, जनसंख्या बढ़ी, आर्थिक गतिविधियाँ विकसित हुईं और समाज की आवश्यकताएँ बदलने लगीं। परिणामस्वरूप प्रशासन का स्वरूप भी बदलने लगा। आधुनिक युग में जब लोकतंत्र, औद्योगिक क्रांति, वैज्ञानिक प्रगति और लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा विकसित हुई, तब प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास तथा नागरिक कल्याण जैसे अनेक क्षेत्रों तक उसका विस्तार हो गया।
इसी परिवर्तन ने लोक प्रशासन को एक स्वतंत्र अध्ययन-विषय के रूप में स्थापित किया। आज लोक प्रशासन केवल सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह राज्य, सरकार, प्रशासनिक संस्थाओं, अधिकारियों, नीतियों तथा नागरिकों के बीच संबंधों का व्यवस्थित और वैज्ञानिक अध्ययन है। आधुनिक समाज में प्रशासन के बिना राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। यदि संविधान राज्य का मूल ढाँचा है, तो लोक प्रशासन उस ढाँचे को व्यवहार में लागू करने वाली जीवंत शक्ति है।
‘लोक प्रशासन’ दो शब्दों से मिलकर बना है—’लोक’ और ‘प्रशासन’। ‘लोक’ का अर्थ है जनता या सार्वजनिक जीवन, जबकि ‘प्रशासन’ का अर्थ है किसी कार्य का सुव्यवस्थित संचालन, निर्देशन, समन्वय और नियंत्रण। इस प्रकार लोक प्रशासन का सामान्य अर्थ है—जनहित से संबंधित कार्यों का योजनाबद्ध, उत्तरदायी और प्रभावी संचालन। यह केवल आदेश देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि संसाधनों, मानव शक्ति, समय और नीतियों का ऐसा समन्वय है जिसके माध्यम से सरकार जनता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करती है।
विभिन्न विद्वानों ने लोक प्रशासन को अलग-अलग दृष्टिकोणों से परिभाषित किया है। कुछ विद्वानों ने इसे सरकार की कार्यपालिका द्वारा किए जाने वाले कार्यों तक सीमित माना, जबकि अन्य विद्वानों ने इसके क्षेत्र को अधिक व्यापक माना और नीति-निर्माण, नीति-क्रियान्वयन, जनसंपर्क, विकास कार्यक्रमों तथा लोककल्याण की समस्त गतिविधियों को भी इसका अंग स्वीकार किया। इसी कारण लोक प्रशासन की कोई एक सर्वमान्य परिभाषा नहीं है, फिर भी सभी विचारकों में इस बात पर व्यापक सहमति है कि इसका मूल उद्देश्य जनता की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा सार्वजनिक हित की रक्षा करना है।
आधुनिक युग में लोक प्रशासन को केवल आदेशों के पालन तक सीमित नहीं समझा जाता। यह लोकतांत्रिक शासन की सक्रिय कार्यप्रणाली है, जिसके माध्यम से सरकार की नीतियाँ व्यवहार में परिवर्तित होती हैं। संसद या विधानमंडल कानून बनाते हैं, मंत्रिपरिषद नीतियाँ निर्धारित करती है, परन्तु इन नीतियों को जनता तक पहुँचाने, योजनाओं को लागू करने और उनके परिणामों का मूल्यांकन करने का कार्य प्रशासन ही करता है। यदि प्रशासन सक्षम, निष्पक्ष और उत्तरदायी हो, तो सरकार की योजनाएँ सफल होती हैं; यदि प्रशासन कमजोर हो, तो सर्वोत्तम नीतियाँ भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पातीं।
लोक प्रशासन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह निरंतर परिवर्तनशील है। समाज की आवश्यकताओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक परिस्थितियों तथा नागरिक अपेक्षाओं के अनुसार प्रशासन के स्वरूप में भी परिवर्तन होता रहता है। पहले प्रशासन का प्रमुख कार्य शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना माना जाता था, जबकि आज उससे पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, सुशासन, ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाएँ, नागरिक सहभागिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत विकास जैसे अनेक दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा की जाती है। इस प्रकार लोक प्रशासन एक गतिशील और विकासोन्मुख व्यवस्था है।
लोक प्रशासन का महत्व केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं है। यह लोकतंत्र की सफलता, आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता तथा नागरिकों के जीवन-स्तर को सीधे प्रभावित करता है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी प्रशासनिक व्यवस्था कितनी कुशल, पारदर्शी, संवेदनशील और उत्तरदायी है। यही कारण है कि आधुनिक राज्यों में प्रशासन को शासन की रीढ़ कहा जाता है।
एक समय था जब सरकार का कार्यक्षेत्र सीमित था और प्रशासन भी सीमित उत्तरदायित्वों तक बँधा हुआ था। किन्तु आज का राज्य लोककल्याणकारी राज्य है। वह केवल सुरक्षा प्रदान नहीं करता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, विज्ञान, तकनीक, परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण, वृद्धजन सहायता, डिजिटल सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाता है। इन सभी कार्यों का प्रभावी संचालन लोक प्रशासन के माध्यम से ही संभव होता है। इसलिए आधुनिक राज्य की सफलता का वास्तविक आधार उसकी प्रशासनिक क्षमता होती है।
इसी कारण लोक प्रशासन का अध्ययन आज केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, विधि, प्रबंधन तथा लोक नीति के विद्यार्थियों के लिए भी समान रूप से आवश्यक माना जाता है। यह विषय विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता देता है कि सरकार कैसे कार्य करती है, नीतियाँ किस प्रकार बनती और लागू होती हैं तथा नागरिक प्रशासन को अधिक उत्तरदायी और प्रभावी बनाने में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।
इस प्रकार लोक प्रशासन का विकास मानव सभ्यता की आवश्यकताओं के साथ-साथ हुआ है। यह केवल सरकारी कार्यों का संचालन नहीं, बल्कि राज्य और समाज के बीच विश्वास, सहयोग तथा विकास का सेतु है। आधुनिक लोकतांत्रिक और लोककल्याणकारी राज्य की कल्पना एक सक्षम, निष्पक्ष, उत्तरदायी और जनोन्मुख लोक प्रशासन के बिना संभव नहीं है। यही कारण है कि आज लोक प्रशासन को सामाजिक विज्ञानों की सबसे उपयोगी, व्यावहारिक और गतिशील शाखाओं में से एक माना जाता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) – भाग–1
लोक प्रशासन का अर्थ एवं प्रकृति
1. लोक प्रशासन का संबंध मुख्यतः किससे है?
(अ) सार्वजनिक कार्यों के प्रबंधन से
(ब) निजी उद्योगों से
(स) व्यापार से
(द) केवल न्यायपालिका से
उत्तर – (अ)
2. लोक प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(अ) जनहित की पूर्ति
(ब) लाभ कमाना
(स) व्यापार बढ़ाना
(द) निजी संपत्ति अर्जित करना
उत्तर – (अ)
3. आधुनिक लोक प्रशासन का प्रमुख आधार क्या है?
(अ) लोककल्याण
(ब) निरंकुश शासन
(स) सामंतवाद
(द) उपनिवेशवाद
उत्तर – (अ)
4. लोक प्रशासन मुख्य रूप से किस अंग से संबंधित माना जाता है?
(अ) कार्यपालिका
(ब) न्यायपालिका
(स) विधायिका
(द) निर्वाचन आयोग
उत्तर – (अ)
5. लोक प्रशासन का अध्ययन किस विषय से सर्वाधिक संबंधित है?
(अ) राजनीति विज्ञान
(ब) रसायन विज्ञान
(स) भौतिकी
(द) जीव विज्ञान
उत्तर – (अ)
6. लोक प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(अ) सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन
(ब) चुनाव कराना
(स) न्याय देना
(द) संविधान बनाना
उत्तर – (अ)
7. लोक प्रशासन किस प्रकार का विषय है?
(अ) सामाजिक विज्ञान
(ब) प्राकृतिक विज्ञान
(स) चिकित्सा विज्ञान
(द) अभियंत्रण
उत्तर – (अ)
8. आधुनिक लोक प्रशासन किस अवधारणा से सर्वाधिक प्रभावित है?
(अ) लोककल्याणकारी राज्य
(ब) सामंतवाद
(स) राजतंत्र
(द) उपनिवेशवाद
उत्तर – (अ)
9. लोक प्रशासन का अंतिम उद्देश्य क्या है?
(अ) नागरिकों का कल्याण
(ब) सरकारी आय बढ़ाना
(स) कर लगाना
(द) व्यापार करना
उत्तर – (अ)
10. प्रशासन का अर्थ है—
(अ) कार्यों का सुव्यवस्थित संचालन
(ब) केवल आदेश देना
(स) केवल नियंत्रण करना
(द) केवल दंड देना
उत्तर – (अ)
लोक प्रशासन का क्षेत्र एवं महत्व
11. लोक प्रशासन का क्षेत्र आधुनिक युग में—
(अ) अत्यधिक विस्तृत हो गया है।
(ब) समाप्त हो गया है।
(स) सीमित हो गया है।
(द) केवल न्यायालय तक सीमित है।
उत्तर – (अ)
12. POSDCORB सिद्धांत किससे संबंधित है?
(अ) प्रशासनिक कार्यों से
(ब) न्यायिक प्रक्रिया से
(स) चुनाव से
(द) संविधान से
उत्तर – (अ)
13. POSDCORB का प्रतिपादन किसने किया?
(अ) लूथर गुलिक
(ब) प्लेटो
(स) अरस्तू
(द) रूसो
उत्तर – (अ)
14. लोक प्रशासन का महत्व सबसे अधिक किस राज्य में है?
(अ) लोककल्याणकारी राज्य
(ब) सामंती राज्य
(स) निरंकुश राज्य
(द) औपनिवेशिक राज्य
उत्तर – (अ)
15. सुशासन का प्रमुख आधार क्या है?
(अ) कुशल प्रशासन
(ब) अधिक कर
(स) युद्ध
(द) दमन
उत्तर – (अ)
एक अनुशासन के रूप में लोक प्रशासन
16. लोक प्रशासन को स्वतंत्र अध्ययन विषय के रूप में प्रतिष्ठित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
(अ) वुडरो विल्सन
(ब) मैक्स वेबर
(स) कार्ल मार्क्स
(द) अरस्तू
उत्तर – (अ)
17. वुडरो विल्सन का प्रसिद्ध निबंध किस वर्ष प्रकाशित हुआ?
(अ) 1887
(ब) 1776
(स) 1947
(द) 1919
उत्तर – (अ)
18. वुडरो विल्सन ने किस पृथक्करण पर बल दिया?
(अ) राजनीति–प्रशासन पृथक्करण
(ब) धर्म–राज्य पृथक्करण
(स) न्यायपालिका–कार्यपालिका पृथक्करण
(द) केंद्र–राज्य पृथक्करण
उत्तर – (अ)
19. लोक प्रशासन के विकास का प्रथम चरण किस नाम से जाना जाता है?
(अ) पारंपरिक चरण
(ब) व्यवहारवादी चरण
(स) नवीन लोक प्रशासन
(द) उत्तर-आधुनिक चरण
उत्तर – (अ)
20. नवीन लोक प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(अ) सामाजिक न्याय एवं जनकल्याण
(ब) साम्राज्य विस्तार
(स) व्यापार
(द) निजी लाभ
उत्तर – (अ)
लोक एवं निजी प्रशासन
21. लोक प्रशासन किसके लिए कार्य करता है?
(अ) जनता के लिए
(ब) शेयरधारकों के लिए
(स) मालिक के लिए
(द) उद्योगपति के लिए
उत्तर – (अ)
22. निजी प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(अ) लाभ अर्जित करना
(ब) लोककल्याण
(स) न्याय देना
(द) संविधान लागू करना
उत्तर – (अ)
23. लोक प्रशासन किसके प्रति उत्तरदायी होता है?
(अ) जनता एवं सरकार
(ब) निजी कंपनी
(स) उद्योगपति
(द) बैंक
उत्तर – (अ)
24. निजी प्रशासन किसके प्रति उत्तरदायी होता है?
(अ) मालिक/प्रबंधन
(ब) संसद
(स) न्यायपालिका
(द) निर्वाचन आयोग
उत्तर – (अ)
25. लोक एवं निजी प्रशासन में समानता किस आधार पर है?
(अ) प्रबंधन तकनीकों के प्रयोग में
(ब) उद्देश्य में
(स) उत्तरदायित्व में
(द) स्वामित्व में
उत्तर – (अ)
आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन
26. आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन की प्रमुख भूमिका क्या है?
(अ) नीतियों का क्रियान्वयन
(ब) संविधान संशोधन
(स) चुनाव लड़ना
(द) न्यायिक निर्णय देना
उत्तर – (अ)
27. ई-गवर्नेंस किससे संबंधित है?
(अ) सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन
(ब) कृषि
(स) उद्योग
(द) न्यायालय
उत्तर – (अ)
28. सुशासन का प्रमुख तत्व कौन-सा है?
(अ) पारदर्शिता
(ब) गोपनीयता
(स) पक्षपात
(द) भ्रष्टाचार
उत्तर – (अ)
29. लोक प्रशासन का लोकतंत्र से क्या संबंध है?
(अ) लोकतंत्र को प्रभावी बनाता है।
(ब) लोकतंत्र को समाप्त करता है।
(स) लोकतंत्र से असंबंधित है।
(द) केवल चुनाव तक सीमित है।
उत्तर – (अ)
30. आधुनिक प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य क्या है?
(अ) नागरिक-केंद्रित सेवा
(ब) कर वृद्धि
(स) युद्ध
(द) निजी लाभ
उत्तर – (अ)
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
लोक प्रशासन से क्या अभिप्राय है?
प्रशासन और लोक प्रशासन में क्या अंतर है?
लोक प्रशासन की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
लोक प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
लोक प्रशासन का क्षेत्र क्या है?
लोक प्रशासन का महत्व क्यों बढ़ा?
लोककल्याणकारी राज्य क्या है?
वुडरो विल्सन का योगदान क्या है?
राजनीति–प्रशासन पृथक्करण से क्या अभिप्राय है?
POSDCORB का पूरा रूप लिखिए।
लोक प्रशासन को सामाजिक विज्ञान क्यों कहा जाता है?
सार्वजनिक नीति क्या है?
निजी प्रशासन क्या है?
लोक एवं निजी प्रशासन में एक समानता लिखिए।
लोक एवं निजी प्रशासन में एक अंतर लिखिए।
ई-गवर्नेंस क्या है?
सुशासन का अर्थ क्या है?
पारदर्शिता क्या है?
उत्तरदायित्व का अर्थ क्या है?
आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन की दो भूमिकाएँ लिखिए।
लघु उत्तरीय प्रश्न
लोक प्रशासन का अर्थ एवं परिभाषा स्पष्ट कीजिए।
लोक प्रशासन की प्रकृति का वर्णन कीजिए।
लोक प्रशासन के क्षेत्र की व्याख्या कीजिए।
लोक प्रशासन के महत्व का वर्णन कीजिए।
लोक प्रशासन के विकास का संक्षिप्त इतिहास लिखिए।
वुडरो विल्सन के योगदान की विवेचना कीजिए।
लोक एवं निजी प्रशासन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
लोक एवं निजी प्रशासन की समानताओं का वर्णन कीजिए।
आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
सुशासन एवं लोक प्रशासन के संबंध की विवेचना कीजिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
लोक प्रशासन के अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र एवं महत्व का समालोचनात्मक विवेचन कीजिए।
एक स्वतंत्र अनुशासन के रूप में लोक प्रशासन के विकास का विस्तार से वर्णन कीजिए।
लोक एवं निजी प्रशासन का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
आधुनिक लोककल्याणकारी राज्य में लोक प्रशासन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
लोक प्रशासन के विकास में वुडरो विल्सन के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
आधुनिक प्रशासन की बदलती प्रवृत्तियों का विवेचन कीजिए।
लोकतंत्र और लोक प्रशासन के पारस्परिक संबंधों की व्याख्या कीजिए।
लोक प्रशासन की समकालीन चुनौतियों एवं संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
