Unit-07

Development administration, Concept of Administrative Development,Relationship Between Political And Permanent Executive
विकास प्रशासन, प्रशासनिक विकास की अवधारणा तथा राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य संबंध

बीसवीं शताब्दी के मध्य में विश्व के अनेक देशों ने औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की। स्वतंत्रता के पश्चात इन देशों के समक्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता को बनाए रखना ही चुनौती नहीं थी, बल्कि आर्थिक प्रगति, सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का विकास, कृषि एवं उद्योग का आधुनिकीकरण तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना भी समान रूप से आवश्यक था। यह अनुभव किया गया कि यदि प्रशासन केवल पारंपरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित रहेगा, तो विकास के व्यापक उद्देश्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकेगा। परिणामस्वरूप लोक प्रशासन के भीतर एक नई अवधारणा का विकास हुआ, जिसे विकास प्रशासन कहा गया। इसने प्रशासन को केवल शासन का साधन न मानकर राष्ट्रीय विकास का सक्रिय माध्यम माना।

विकास प्रशासन का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास के लाभ पहुँचाना है। यह प्रशासन योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को इस प्रकार लागू करता है कि आर्थिक संसाधनों का उचित उपयोग हो, सामाजिक असमानताएँ कम हों और नागरिकों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो। विकास प्रशासन का संबंध केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, जनसहभागिता, संसाधनों के समन्वय तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व से भी है। इसलिए इसे परिवर्तनमुखी प्रशासन भी कहा जाता है, क्योंकि इसका लक्ष्य यथास्थिति बनाए रखना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

परंपरागत प्रशासन मुख्यतः नियमों, प्रक्रियाओं और नियंत्रण पर आधारित था, जबकि विकास प्रशासन परिणाम, नवाचार और परिवर्तन पर बल देता है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी केवल आदेशों का पालन करने वाले कर्मचारी नहीं होते, बल्कि वे विकास योजनाओं के संचालक, समन्वयक, प्रेरक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में विकास प्रशासन की भूमिका विशेष रूप से दिखाई देती है।

विकास प्रशासन की सफलता का आधार केवल सरकारी संसाधन नहीं होते, बल्कि जनता का विश्वास, स्थानीय संस्थाओं का सहयोग, राजनीतिक नेतृत्व की स्पष्ट दृष्टि तथा प्रशासनिक तंत्र की कार्यकुशलता भी आवश्यक होती है। जब प्रशासन नागरिकों की आवश्यकताओं को समझते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन करता है, तब विकास केवल सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं रहता, बल्कि वह समाज के जीवन स्तर में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनता है।

आधुनिक युग में विकास प्रशासन की अवधारणा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि विकास को अब केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं माना जाता। आज विकास का अर्थ शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय संतुलन, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और सतत विकास जैसे व्यापक लक्ष्यों से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए विकास प्रशासन का उद्देश्य केवल आय बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

इसी संदर्भ में प्रशासनिक विकास की अवधारणा सामने आती है। यदि प्रशासन स्वयं सक्षम, प्रशिक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी नहीं होगा, तो विकास की योजनाएँ भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकेंगी। प्रशासनिक विकास का अर्थ प्रशासनिक संस्थाओं, प्रक्रियाओं, तकनीकों और मानव संसाधनों में ऐसे सुधारों से है जिनसे प्रशासन अधिक कुशल, आधुनिक और जनोन्मुख बन सके।

प्रशासनिक विकास केवल संरचनात्मक परिवर्तन तक सीमित नहीं है। इसमें अधिकारियों के प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, नैतिक मूल्यों, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा नागरिकों के प्रति उत्तरदायित्व का भी समावेश होता है। बदलती हुई सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार प्रशासन को स्वयं को निरंतर विकसित करना पड़ता है। यही कारण है कि प्रशासनिक विकास को एक सतत प्रक्रिया माना जाता है।

आज ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रशासन, ऑनलाइन सेवाएँ, सूचना का अधिकार, नागरिक चार्टर तथा सेवा वितरण की नई व्यवस्थाएँ प्रशासनिक विकास के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। इन सुधारों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक सरल, प्रभावी, पारदर्शी और जनता के निकट बनाना है। प्रशासनिक विकास के माध्यम से सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत होता है तथा विकास कार्यक्रमों का क्रियान्वयन अधिक प्रभावशाली बनता है।

किसी भी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में विकास प्रशासन और प्रशासनिक विकास की सफलता राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के बीच संतुलित संबंधों पर निर्भर करती है। राजनीतिक कार्यपालिका से आशय उन व्यक्तियों से है जो जनता द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं और सरकार का नेतृत्व करते हैं। इनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री तथा अन्य निर्वाचित पदाधिकारी सम्मिलित होते हैं। दूसरी ओर स्थायी कार्यपालिका से आशय उन लोक सेवकों से है जो प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं में आते हैं तथा सरकारों के बदलने पर भी अपने पद पर बने रहते हैं।

लोकतांत्रिक शासन में राजनीतिक कार्यपालिका नीति निर्धारित करती है, जबकि स्थायी कार्यपालिका उन नीतियों को व्यवहार में लागू करती है। राजनीतिक नेतृत्व जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और विकास की दिशा तय करता है, जबकि स्थायी कार्यपालिका प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी ज्ञान और संस्थागत निरंतरता के आधार पर उन नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करती है। दोनों के बीच सहयोग, विश्वास और स्पष्ट उत्तरदायित्व लोकतांत्रिक प्रशासन की सफलता की आधारशिला है।

यदि राजनीतिक कार्यपालिका और स्थायी कार्यपालिका के बीच समन्वय बना रहता है, तो विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी होता है, प्रशासनिक निर्णय समय पर लिए जाते हैं और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्राप्त होती हैं। इसके विपरीत यदि दोनों के बीच अविश्वास, अनावश्यक हस्तक्षेप या समन्वय का अभाव हो, तो विकास की गति प्रभावित होती है, प्रशासनिक दक्षता कम होती है और जनहित की योजनाओं का अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पाता।

इस प्रकार विकास प्रशासन, प्रशासनिक विकास तथा राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य संबंध आधुनिक लोक प्रशासन के तीन ऐसे परस्पर जुड़े हुए आयाम हैं जो किसी भी लोकतांत्रिक और विकासशील राष्ट्र की प्रशासनिक सफलता को निर्धारित करते हैं। विकास प्रशासन राष्ट्रीय प्रगति का माध्यम है, प्रशासनिक विकास उस माध्यम को सशक्त बनाता है और राजनीतिक तथा स्थायी कार्यपालिका का समन्वित संबंध उसे प्रभावी दिशा प्रदान करता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
  1. विकास प्रशासन की अवधारणा, प्रकृति एवं प्रमुख विशेषताओं का विस्तृत विवेचन कीजिए।
  2. विकास प्रशासन के उद्भव एवं विकास के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
  3. विकास प्रशासन और परंपरागत प्रशासन का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  4. विकासशील देशों में विकास प्रशासन की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
  5. राष्ट्रीय विकास में विकास प्रशासन के महत्व का समालोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
  6. विकास प्रशासन के उद्देश्यों एवं कार्यों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
  7. विकास प्रशासन की प्रमुख समस्याओं एवं चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
  8. विकास प्रशासन में जनसहभागिता के महत्व का विवेचन कीजिए।
  9. विकास प्रशासन में विकेंद्रीकरण की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
  10. विकास प्रशासन और सतत विकास के संबंधों का अध्ययन कीजिए।
  11. प्रशासनिक विकास की अवधारणा, उद्देश्य एवं महत्व का विश्लेषण कीजिए।
  12. प्रशासनिक विकास के प्रमुख तत्वों का विवेचन कीजिए।
  13. प्रशासनिक विकास एवं प्रशासनिक सुधारों के मध्य संबंध स्पष्ट कीजिए।
  14. प्रशासनिक विकास में ई-गवर्नेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका का अध्ययन कीजिए।
  15. प्रशासनिक विकास में प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
  16. प्रशासनिक विकास की प्रमुख बाधाओं एवं समाधान का विश्लेषण कीजिए।
  17. राजनीतिक कार्यपालिका और स्थायी कार्यपालिका की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
  18. राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य संबंधों का विस्तृत अध्ययन कीजिए।
  19. मंत्री और लोकसेवक के मध्य संबंधों की प्रकृति का विश्लेषण कीजिए।
  20. राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य समन्वय का महत्व स्पष्ट कीजिए।
  21. राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य उत्पन्न होने वाले संघर्षों के कारणों का विवेचन कीजिए।
  22. भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के संबंधों का मूल्यांकन कीजिए।
  23. प्रशासनिक तटस्थता एवं राजनीतिक उत्तरदायित्व का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
  24. सुशासन की स्थापना में राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
  25. आधुनिक लोक प्रशासन में विकास प्रशासन, प्रशासनिक विकास तथा राजनीतिक–स्थायी कार्यपालिका के पारस्परिक संबंधों का विवेचन कीजिए।

लघु उत्तरीय प्रश्न
  1. विकास प्रशासन क्या है?
  2. विकास प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  3. विकास प्रशासन की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
  4. परंपरागत प्रशासन और विकास प्रशासन में एक अंतर लिखिए।
  5. विकास प्रशासन में जनसहभागिता का क्या महत्व है?
  6. विकेंद्रीकरण से क्या अभिप्राय है?
  7. प्रशासनिक विकास क्या है?
  8. प्रशासनिक विकास की आवश्यकता क्यों है?
  9. प्रशासनिक सुधार क्या है?
  10. प्रशासनिक विकास के दो उद्देश्य लिखिए।
  11. ई-गवर्नेंस क्या है?
  12. प्रशासनिक दक्षता से क्या अभिप्राय है?
  13. राजनीतिक कार्यपालिका क्या है?
  14. स्थायी कार्यपालिका क्या है?
  15. राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका में एक अंतर लिखिए।
  16. मंत्री की भूमिका क्या है?
  17. लोकसेवक की भूमिका क्या है?
  18. प्रशासनिक तटस्थता क्या है?
  19. राजनीतिक उत्तरदायित्व क्या है?
  20. समन्वय का महत्व स्पष्ट कीजिए।
  21. राजनीतिक एवं स्थायी कार्यपालिका के मध्य संघर्ष के दो कारण लिखिए।
  22. सुशासन में लोकसेवकों की भूमिका लिखिए।
  23. विकास प्रशासन में पंचायतों की भूमिका क्या है?
  24. सतत विकास से क्या अभिप्राय है?
  25. प्रशासनिक विकास और विकास प्रशासन में अंतर लिखिए।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न
  1. Development Administration का हिंदी अर्थ क्या है?

    उत्तर – विकास प्रशासन
  2. Administrative Development का हिंदी अर्थ क्या है?

    उत्तर – प्रशासनिक विकास
  3. Political Executive का हिंदी अर्थ क्या है?

    उत्तर – राजनीतिक कार्यपालिका
  4. Permanent Executive का हिंदी अर्थ क्या है?

    उत्तर – स्थायी कार्यपालिका
  5. विकास प्रशासन का मुख्य लक्ष्य क्या है?

    उत्तर – विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
  6. प्रशासनिक विकास किससे संबंधित है?

    उत्तर – प्रशासनिक सुधार एवं क्षमता विकास
  7. स्थायी कार्यपालिका का प्रमुख उदाहरण क्या है?

    उत्तर – लोकसेवक (सिविल सेवक)
  8. राजनीतिक कार्यपालिका का प्रमुख उदाहरण क्या है?

    उत्तर – मंत्री
  9. प्रशासनिक तटस्थता किससे संबंधित है?

    उत्तर – लोकसेवकों से
  10. विकास प्रशासन किस प्रकार के देशों में अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?

    उत्तर – विकासशील देशों में

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

1. विकास प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना
(B) विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
(C) केवल कर संग्रह करना
(D) केवल न्याय देना
उत्तर – (B)

2. विकास प्रशासन का संबंध मुख्यतः किससे है?
(A) सामाजिक एवं आर्थिक विकास
(B) युद्ध नीति
(C) धार्मिक सुधार
(D) चुनाव प्रक्रिया
उत्तर – (A)

3. प्रशासनिक विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) प्रशासन को अधिक सक्षम बनाना
(B) प्रशासन को समाप्त करना
(C) न्यायपालिका को नियंत्रित करना
(D) संसद को समाप्त करना
उत्तर – (A)

4. विकास प्रशासन किस प्रकार के राज्य में अधिक महत्वपूर्ण है?
(A) पुलिस राज्य
(B) कल्याणकारी राज्य
(C) राजतंत्र
(D) सैन्य शासन
उत्तर – (B)

5. प्रशासनिक विकास में किसका विशेष महत्व है?
(A) प्रशिक्षण
(B) युद्ध
(C) चुनाव
(D) धार्मिक गतिविधियाँ
उत्तर – (A)

6. राजनीतिक कार्यपालिका का उदाहरण है—
(A) सचिव
(B) जिलाधिकारी
(C) मंत्री
(D) अनुभाग अधिकारी
उत्तर – (C)

7. स्थायी कार्यपालिका का उदाहरण है—
(A) मुख्यमंत्री
(B) प्रधानमंत्री
(C) आईएएस अधिकारी
(D) मंत्री
उत्तर – (C)

8. लोकसेवकों की प्रमुख विशेषता क्या है?
(A) राजनीतिक नियुक्ति
(B) स्थायित्व
(C) अस्थायी पद
(D) चुनाव द्वारा चयन
उत्तर – (B)

9. प्रशासनिक तटस्थता का संबंध किससे है?
(A) राजनीतिक दलों से
(B) लोकसेवकों से
(C) न्यायपालिका से
(D) मीडिया से
उत्तर – (B)

10. राजनीतिक कार्यपालिका किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
(A) जनता एवं विधायिका के प्रति
(B) केवल न्यायपालिका के प्रति
(C) केवल राष्ट्रपति के प्रति
(D) केवल प्रशासन के प्रति
उत्तर – (A)

11. विकास प्रशासन किस पर बल देता है?
(A) परिवर्तन एवं विकास
(B) केवल परंपरा
(C) केवल नियम
(D) केवल दंड
उत्तर – (A)

12. प्रशासनिक विकास का एक प्रमुख साधन है—
(A) ई-गवर्नेंस
(B) युद्ध
(C) सेंसरशिप
(D) आपातकाल
उत्तर – (A)

13. विकास प्रशासन में जनसहभागिता का उद्देश्य क्या है?
(A) योजनाओं को प्रभावी बनाना
(B) कर बढ़ाना
(C) न्यायालयों की संख्या बढ़ाना
(D) चुनाव स्थगित करना
उत्तर – (A)

14. मंत्री और लोकसेवक के मध्य संबंध का आधार क्या है?
(A) सहयोग एवं समन्वय
(B) संघर्ष
(C) प्रतिस्पर्धा
(D) विरोध
उत्तर – (A)

15. प्रशासनिक सुधारों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ाना
(B) न्यायपालिका को समाप्त करना
(C) संसद की शक्तियाँ कम करना
(D) चुनाव रोकना
उत्तर – (A)

16. विकास प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य क्या है?
(A) जनकल्याण
(B) निजी लाभ
(C) व्यापार विस्तार
(D) सैन्य शक्ति
उत्तर – (A)

17. विकास प्रशासन में विकेंद्रीकरण क्यों आवश्यक है?
(A) स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए
(B) सत्ता केंद्रीकरण के लिए
(C) न्यायपालिका को कमजोर करने के लिए
(D) कर बढ़ाने के लिए
उत्तर – (A)

18. स्थायी कार्यपालिका की भूमिका क्या है?
(A) नीतियों का क्रियान्वयन
(B) कानून बनाना
(C) संविधान संशोधन
(D) चुनाव कराना
उत्तर – (A)

19. राजनीतिक कार्यपालिका की प्रमुख भूमिका क्या है?
(A) नीति निर्माण
(B) न्याय देना
(C) लेखापरीक्षा करना
(D) जनगणना करना
उत्तर – (A)

20. विकास प्रशासन की सफलता मुख्यतः किस पर निर्भर करती है?
(A) सक्षम एवं उत्तरदायी प्रशासन पर
(B) केवल कानूनों पर
(C) केवल राजनीति पर
(D) केवल न्यायपालिका पर
उत्तर – (A)

सत्य / असत्य
  1. विकास प्रशासन का उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना है। (सत्य)
  2. प्रशासनिक विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित है। (असत्य)
  3. राजनीतिक कार्यपालिका का गठन निर्वाचित प्रतिनिधियों से होता है। (सत्य)
  4. स्थायी कार्यपालिका का चयन सामान्यतः प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा होता है। (सत्य)
  5. मंत्री नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। (सत्य)
  6. लोकसेवकों से राजनीतिक तटस्थता की अपेक्षा की जाती है। (सत्य)
  7. विकास प्रशासन में जनसहभागिता का कोई महत्व नहीं है। (असत्य)
  8. प्रशासनिक विकास एक सतत प्रक्रिया है। (सत्य)
  9. राजनीतिक और स्थायी कार्यपालिका के बीच समन्वय सुशासन के लिए आवश्यक है। (सत्य)
  10. ई-गवर्नेंस प्रशासनिक विकास का एक महत्वपूर्ण साधन है। (सत्य)

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